हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , इस रिवायत को "मकारिम अख्लाक" पुस्तक से लिया गया है। इस रिवायत का पाठ इस प्रकार है:
:قال رسول الله صلی الله علیه و آله
«اَلْحَقُّ ثَقِیلٌ مُرٌّ، وَالْبَاطِلُ خَفِیفٌ حُلْوٌ، وَرُبَّ شَهْوَةِ سَاعَةٍ تُورِثُ حُزْنًا طَوِیلًا.»
हज़रत रसूल अल्लाह स.ल.व.व. ने फ़रमाया:
सत्य भारी और कड़वा होता है, जबकि असत्य हल्का और मीठा प्रतीत होता है। और कई बार क्षणभर की सांसारिक इच्छा मनुष्य के लिए लंबे समय तक दुःख और पश्चाताप का कारण बन जाती है।
मकारिमुल अख़्लाक़, पेज 465
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